भिखारियों का बनेगा पुनर्वास केन्द्र…बैठक में कलेक्टर ने कहा…हाईकोर्ट के पास बनेगा विश्राम गृह…एसडीएम को दिया यह आदेश
अवनीश शरण ने कहा कि होगी कठोर कार्रवाई

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बिलासपुर—ड़कों पर भिक्षावृत्ति जैसे हीन कार्यों में शामिल गरीबों का पुनर्वास किया जाएगा। जिला प्रशासन स्तर पर व्यापक कार्य-योजना तैयार किया जाएगा। शासन की तमाम योजनाओं से जोड़कर योग्यता अनुसार गरीबों को लाभ दिया जाएगा। यह बातें कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक टीएल बैठक के दोरान कही। कलेक्टर ने कहा..योजना को मूर्त रूप देने एक अधिकार समिति का गठन करेंगे। पन्द्रह दिनों के भीतर गरीबों को चिन्हांकित कर प्रस्ताव देने को कहा । कलेक्टर ने दुहराया कि योजना को सफल बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर निराश्रित निधि का इस्तेमाल भी किया जायेगा।
कलेक्टर अवनीश शरण ने करीब दो घंटे से अधिक समय तक अधिकारियों के साथ बैठक किया। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट देखा। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री की कलेक्टर कॉन्फ्रेन्स में दिये गये निर्देशों का तेज गति से पालन किया जाए। अवनीश शरण ने स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेन्ट खत्म करने के आदेश का पालन नहीं किये जाने पर नाजाजगी जाहिर किया। उन्होने सीएचएमओ को आदेश दिया कि ऐसे डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोककर निलंबन का प्रस्ताव पेश करें।
जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि पीडीएस सिस्टम सही तरीके से संचालित किया जाए। सभी एसडीएम माह में कम से कम एक बार दुकान संचालकों की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा करें। स्कूल जतन योजना में गड़बड़ी की जांच के लिए बनी समिति को 30 सितम्बर के पहले रिपोर्ट पेश करने को कहा। उन्होने बताया कि दोषियों को दण्डित किया जायेगा। प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी।
कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर एक बार फिर अभियान चलाने के निर्देश दिए।उन्होने कहा कि एक से 15 अक्टूबर तक अभियान चलाया जायेगा। जानकारी देते चलें कि अभी भी लगभग 7 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। कलेक्टर ने बताया कि हाई कोर्ट से संबंधित काम के लिए पूरे राज्य भर से अधिकारी आते हैं। ठहरने के लिए आसपास स्थान नहीं है। शासन ने हाईकोर्ट के आसपास एक विश्राम गृहन बनाने का निर्देश दिया है।
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि स्कूल, अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में पान-गुटखा की बिक्री नहीं होनी चाहिए। अधिकारी गण निरंतर कार्रवाई करें। 15 साल से पुराने शासकीय वाहनों का अपलेखन करने को कहा। कलेक्टर ने सभी छात्रावासों में माह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए।

